रूस संबंधों की जांच ने क्यों बढ़ा दी है ट्रंप की चिंता?

रूस संबंधों की जांच ने क्यों बढ़ा दी है ट्रंप की चिंता?


डॉनल्ड ट्रंप और रॉबर्ट मुलर

वॉशिंगटन 
डॉनल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार अभियान के चीफ रहे पॉल मैनाफर्ट की गिरफ्तारी के बाद यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि इसका उनके चुनाव से कोई ताल्लुक नहीं है। फिर भी ट्रंप बेचैन हैं क्योंकि रूस से संबंधों की जांच जारी है। इस बीच उनके एक और सहयोगी जॉर्ज पैपडॉपोलस ने यह कहकर उनकी मुसीबत बढ़ा दी कि उन्होंने FBI से झूठ बोला था। आइए जानते हैं इस मामले के बारे में... 
1. चुनाव से सीधे तौर पर जुड़े अपराध 
क्या विदेशी सॉर्स की मदद लेकर ट्रंप की टीम हिलरी क्लिंटन के ईमेल को हैक करने के षड्यंत्र में शामिल थी और क्या टीम ने किसी चुनाव कानूनों का उल्लंघन किया? 

2. जांच के दौरान किए गए अपराध 

गवाहों को धमकी, झूठी गवाही, न्याय में बाधा आदि। 

3. ट्रंप के सहयोगियों/सहायकों द्वारा किए अपराध (भले ही कैंपेन से जुड़ने से पहले का हो) 
इनमें पॉल मैनाफर्ट पर लगे टैक्स घोटाले, मनी लॉन्ड्रिंग और अमेरिका के खिलाफ साजिश जैसे आरोप आएंगे। 

मुलर के पास हैं व्यापक अधिकार 
- मुलर फेडरल ग्रैंड जूरी की मांग कर सकते हैं (जो पहले से है) और जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलते हैं आपराधिक मुकदमे की मांग कर सकते हैं। 
- अगर ग्रैंड जूरी मंजूरी देती है तो उस शख्स को गिरफ्तार और आरोपित किया जा सकता है। जैसे, मैनाफर्ट और रिक गेट्स के मामले में हुआ। क्या मुलर ट्रंप के खिलाफ जाएंगे? 
- वह ट्रंप के परिवार के किसी भी सदस्य या सहयोगियों के खिलाफ दोषारोपण कर सकते हैं। 
- लेकिन इस पर कानूनी बहस हो रही है कि क्या अभियोजकों का खुद राष्ट्रपति पर आरोप लगाना संवैधानिक है। अब तक किसी भी राष्ट्रपति पर स्टेट या फेडरल अटॉर्नी द्वारा गंभीर आपराधिक आरोपों को लेकर अभियोग नहीं लगा है। 

ऐसे बढ़ सकती है ट्रंप की मुश्किलें 
- मुलर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा को गंभीर अपराध के सबूतों के साथ रिपोर्ट सौंप सकते हैं। 
- अगर अपराध गंभीर और प्रामाणिक पाए जाते हैं तो इससे सदन पर महाभियोग की कार्रवाई शुरू करने का दबाव बढ़ेगा। 
- ऐसे में ट्रंप की प्रेजिडेंसी खत्म करने को लेकर मुलर पहला कदम बढ़ा सकते हैं। 

बर्खास्त FBI चीफ हेल्प करेंगे? 
- डेमोक्रैटिक कमिटी के ईमेल्स हैक होने के बाद 2016 में एफबीआई ने ट्रंप कैंपेन की रूस से संबंधों की जांच शुरू की। 
- लेकिन 9 मई 2017 को ट्रंप ने तत्कालीन एफबीआई डायरेक्टर जेम्स कॉमी को बर्खास्त कर दिया। वह जांच की निगरानी कर रहे थे। 
- 17 मई को डेप्युटी अटॉर्नी जनरल रोड रोसेंसटीन ने मुलर को ट्रंप कैंपेन और रूस से संबंधों की जांच करने के लिए स्पेशल काउंसल नियुक्त किया। 

ट्रंप मुलर को बर्खास्त कर सकते हैं? 
- केवल अटॉर्नी जनरल स्पेशल काउंसल को बर्खास्त कर सकते हैं। अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस के कैंपेन से जुड़ी जांचों से अलग होने के बाद मुलर अब रोसेंसटीन को रिपोर्ट कर रहे हैं। 
- हालांकि ट्रंप के पास रोसेंसटीन को भी बर्खास्त करने का अधिकार है। 
- सेशंस और रोसेंसटीन के बाद जस्टिस डिपार्टमेंट की नंबर 3 रेचेल ब्रैंड नया विकल्प हो सकती हैं। 
- अगर वह भी इनकार कर देती हैं तो मुलर को बर्खास्त करने से पहले ट्रंप को उनके विकल्प के तौर पर अधिकारी की तलाश करनी होगी। 

आखिर कौन हैं मुलर? 
- जॉर्ज डब्लू बुश और बराक ओबामा के समय में 12 साल तक FBI के डायरेक्टर रहे। 
- इससे पहले वियतनाम में लड़ाई लड़ी। उस समय वह मरीन कॉर्प्स में थे। इसके बाद वह जस्टिस डिपार्टमेंट और प्राइवेट लॉ फर्म से जुड़े रहे। 
- कॉमी को बर्खास्त करने के बाद और पहले उन्हें स्पेशल काउंसल नामित किया गया। 

ट्रंप कैम्प ने लगाया पक्षपात का आरोप 
- ट्रंप टीम ने कहा है कि मुलर भी कॉमी की ही तरह हैं और जांच में पक्षपात कर रहे हैं। 
- उनका दावा है कि मुलर ने डेमोक्रैट्स से लिंक वाले कई लोगों को नियुक्त किया है, जिनका रुख ट्रंप के रिपब्लिकन प्रशासन के खिलाफ है। 

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